What is Share Market in Hindi 2024| NIFTY, SENSEX, BANK NIFTY, NSE और BSE क्या होते है?

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शेयर मार्केट क्या हैं जानिए हिंदी में ? शेयर मार्केट एक ऐसा बाजार है जहां विभिन्न कंपनी के शेयर ख़रीदे और बेचे जाते है | शेयर किसी इकाई या उसका छोटासा हिस्सा होता है | शेयर मार्केट में आपको बहुत सारे कंपनियों के शेयर मिलेंगे जिनमें आप निवेश कर सकते हैं | साथ ही आम लोगो को शेयर मार्केट समजने के लिए जो कठिनाईओ का सामना करना पड़ता है वो दूर करने के लिए आपको हमारा यह ब्लॉग What is Share Market In Hindi 2024 पढ़कर काफी मदत मिल सकती है |

शेयर मार्केट में Nifty, Sensex, Bank Nifty, BSE और NSE यह भारतीय शेयर बाजार के महत्वपूर्ण सूचकांक (Index) हैं। यह सभी Index बाजार निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जहां निवेशकों के सपने और कंपनियों के योजनाओं का मेल आपको मिलता है। यहां कंपनियों के शेयरों का बाजार घूमता है, प्राइस उछालता है, और बुल्स और बेयर्स का ज़ोरदार टकराव होता है। यह एक जगह है जहां साहसिक निवेशक रिस्क और मुनाफे की उच्च गति में चलते हैं।

इस ब्लॉग में हम आपको Step By Step Share Market Kya Hai in Hindi 2024 इस के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। यहां पर आपको शेयरों की खरीददारी और बेचदारी के तरीके, निवेश के अवसर, और अपने करियर को बनाने के उपाय भी मिलेंगे।

Table of Contents

शेयर बाज़ार का इतिहास 

History of indian Share Market

Source-BSE India

भारत में कंपनियों के शेयरों का व्यापार 1830 के दशक में बॉम्बे (वर्तमान मुंबई) में शुरू हुआ था। बैंक और कॉटन प्रेस के शेयर यहां व्यापारिक रूप से होते थे।

1850 के बीच, एक बरगद के पेड़ के नीचे बॉम्बे के टाउन हॉल के पास 22 दलाल शेयरों का व्यापार करते थे।

1875 में कोलकाता (वर्तमान कोलकाता) में पहला स्टॉक एक्सचेंज स्थापित हुआ था। यहां देशी शेयर और स्टॉक ब्रोकर एसोसिएशन ने प्रतिभूतियों में व्यापार करने के लिए गठन किया था.

1980 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दलाल स्ट्रीट पर शिफ्ट किया गया। 1986 में एक्सचेंज में एसएनपी (SNP), बीएसई (BSE), और सेंसेक्स (SENSEX) जैसे इंडेक्स बनाए गए।

बीएसई सेंसेक्स ने 1980 से 2023 के बीच 300% की बढ़ोतरी दर्ज की।

SEBI की शुरुआत: SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने अनावश्यक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम बनाए।

SEBI क्या होता है ?

SEBI (SECURITIES AND EXCHANGE BOARD OF INDIA) भारत में प्रतिभूति और वित्त का नियामक बोर्ड है। इसकी स्थापना 12 अप्रैल 1988 को हुई और सेबी अधिनियम 1992 के तहत वैधानिक मान्यता 30 जनवरी 1992 को प्राप्त हुई.

सेबी के मुख्य कार्य:-

  • सेबी प्रतिभूति बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के हितों की रक्षा करता है।
  • सेबी प्रतिभूति बाजार को उचित उपायों के माध्यम से विनियमित और विकसित करने का काम करता है।
  • सेबी प्रतिभूति बाजार के विभिन्न पहलुओं को नियंत्रित करने वाले नियमों, दिशानिर्देशों और नियमों को बनाता और लागू करता है, जो निष्पक्षता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करता है|
  • सेबी का मुख्यालय मुंबई में है और यह भारत के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में उत्तरी, पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में भी है।

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Sensex क्या होता है ?

सेंसेक्स (Sensex) भारतीय शेयर बाजार का महत्वपूर्ण वित्तीय मीट्रिक है। यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचिबद्ध शेयरों के प्रदर्शन को समाहित करता है। सेंसेक्स का पूरा नाम Stock Exchange Sensitive Index है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य और शेयर बाजार में समग्र भावना की वास्तविक समय की नब्ज प्रदान करता है.

यह एक बैरोमीटर के रूप में कार्य करता है, जो निवेशकों, विश्लेषकों और नीति निर्माताओं को भारतीय अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य और शेयर बाजार में समग्र भावना की वास्तविक समय की नब्ज प्रदान करता है।

NSE क्या होता है ?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भारत का सबसे बड़ा और तकनीकी रूप से अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज है। इसकी स्थापना 1992 में हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई में है। यह भारत के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है| NSE का पूरा नाम “राष्ट्रीय शेयर एक्सचेंज”है, जिसे हम National Stock of Exchange भी कहते हैं। यह भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जिसमें लगभग 6,800 से भी ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं। NSE भारत की पहली इलेक्ट्रॉनिक स्टॉक एक्सचेंज में से एक है, जिसने भारत के शेयर बाजार को एक नई पहचान दिलाई। इस पर कंपनियों के शेयर, सिक्योरिटी बॉन्ड्स, डिबेंचर आदि लिस्टेड हैं, और यह रोज सुबह 9:15 से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक खुली रहती है| NSE का सूचकांक NIFTY 50 है, जिसे हम निफ्टी 50 भी कहते हैं |

BSE क्या होता है ?

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), जिसे पहले बॉम्बे शेयर बाजार के नाम से जाना जाता था, भारतीय शेयर बाजार का पहला और सबसे बड़ा शेयर बाजार है। यह दलाल स्ट्रीट पर स्थित है, जिसे मुंबई की वॉल स्ट्रीट कहा जाता है, जो भारत का न्यूयॉर्क कहलाता है Bombay Stock Exchange एक प्रमुख शेयर बाजार है जो एशिया की पहली और सबसे बड़ी कंपनी वेगवान स्टॉक एक्सचेंज है, जिसका स्पीड 6 मैक्रो सेकंड हैं | यहां आपको लाइव S&P BSE SENSEX, वास्तविक समय में शेयर/शेयर कीमतें, BSE इंडेक्स, कंपनी समाचार, परिणाम, मुद्रा और कमोडिटी डेरिवेटिव्स की सभी जानकारी मिलेगी।

Nifty 50 क्या होता है?

Nifty 50 क्या होता है?-What is Nifty 50

Source-BSE India

निफ्टी 50, जिसे National 50 के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय शेयर बाजार का एक महत्वपूर्ण सूचकांक है। यह NSE (National Stock Exchange) की शीर्ष 50 सबसे बड़ी कंपनियों के समूह का बेंचमार्क होता है। निफ्टी में अलग-अलग सेक्टरों की 50 कंपनियों को इंडेक्स किया जाता है, और यह भारतीय इक्विटी बाजार के प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है | इसमें स्टॉक्स शामिल होते हैं, जैसे कि Reliance Industries, Infosys, HDFC Bank, Hindustan Unilever, Tata Consultancy Services.इत्यादी…..

सेक्टोरल इंडेक्स कितने होते है | Sectorial Indices

Sectorial Index विशिष्ट प्रकार के स्टॉक मार्केट इंडेक्स होते हैं ,जो विशेष उद्योग क्षेत्रों के 13 विभिन्न  इंडेक्स प्रतिनिधत्व करते है |

Index No. of Constituents Type of Companies
Nifty Bank 12 Banks
Nifty IT 10 Software Services and Technology Companies
Nift FMGC 15 Fast Moving Consumer Goods Companies
Nifty Healthcare 20 Pharmaceutical Companies
Nifty Auto 15 Automobile Industry
Nifty Financial Services 20 Banks, NBFC,s,Insurance Companies
Nifty Metal 15 Manufactures of Metal
Nifty OIL & Gas 15 Oil and Gas Companies
Nifty Consumer Durable 15 Manufactures of Home Appliance
Nifty Media 10 Television,Print and Digital Media
Nifty PSU Bank 12 Public Sector Banks
Nifty Reality 10 Real Estate Companies
Nifty Private Bank 10 Private Sector Bank

Bank Nifty क्या होता है ?

बैंक निफ्टी (Bank Nifty) भारतीय स्टॉक मार्केट का एक महत्वपूर्ण इंडेक्स है जो बैंकिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के स्टॉक्स की प्रदर्शन को मापता है। इसमें 12 भारतीय बैंकों के स्टॉक्स शामिल होते हैं, जैसे कि State Bank of India, HDFC Bank, ICICI Bank,Axis Bank,Kotak Mahindra Bank और अन्य बड़ी बैंकों के स्टॉक्स है।

Commodity Market क्या होता है ?

What is Commodity Market

कमोडिटी मार्केट एक ऐसा वस्तु बाजार होता है जहां निवेशक मसाले, ऊर्जा, कीमती धातु, कच्चे तेल, गोल्ड, सिल्वर, और अन्य सामग्रीज़ में ट्रेडिंग कर सकते हैं। इसमें आप वस्तुओं को खरीदने और बेचने की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं जो व्यापारिक उपयोग के लिए उपयोग किया जा सकता है।

भारत में कमोडिटी ट्रेडिंग के लिए कुछ प्रमुख एक्सचेंज हैं:

  • मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX): यह गैर-कृषि कमोडिटी के लिए प्रमुख एक्सचेंज है।
  • नेशनल कमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX): यह कृषि कमोडिटी के लिए प्रमुख एक्सचेंज है।
  • इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (ICEX)
  • नेशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NMCE)
  • राष्ट्रीय कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज (NCDEX)

 कमोडिटी मार्केट की ट्रेडिंग समय भारत में विभिन्न सेगमेंटों के लिए निम्नलिखित है:

खुलने का समय: 9:00 AM

बंद होने का समय: 11:30 PM

कमोडिटी मार्केट का समय सुबह और शाम के सत्रों में विभाजित होता है:

सुबह का सत्र: 10:00 AM से 5:00 PM तक

शाम का सत्र: 05:00 PM से 11:30/11:55 PM तक

अंतर्राष्ट्रीय जुड़े हुए कृषि उत्पाद 5:00 PM से 9:00/9:30 PM के बीच ट्रेड होते हैं

अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी बाजार का समय भारत में विभिन्न सेगमेंटों के लिए निम्नलिखित है:

इंटरनेशनल कमोडिटी एक्सचेंज (ICE): यह 8:00 AM से 4:30 PM GMT (1:30 PM से 10:00 PM IST) तक काम करता है।

Share Market vs. Stock Market

शेयर बाजार (Share Market) और स्टॉक मार्केट (Stock Market) दोनों ही एक ही चीज को दर्शाते हैं, लेकिन इन शब्दों का अर्थ थोड़ा अलग होता है |

शेयर (Share): शेयर एक कंपनी में आंशिक स्वामित्व को दर्शाते हैं। जब कोई कंपनी शेयर मार्केट के जरिए फंड रेज करना चाहती है, तो वह अपने स्टॉक को शेयर मार्केट में बेचती है। इस स्टॉक को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा जाता है, जिसे शेयर कहते हैं।

स्टॉक (Stock): स्टॉक किसी कम्पनी के स्टॉक उस कम्पनी की ओनरशिप को दर्शाते हैं। स्टॉक के ये हिस्से उस कम्पनी के शेयर कहलाते हैं। कम्पनी का हर एक शेयर उस कम्पनी के उतने हिस्से की मालकियत को दर्शाता है। अगर किसी कम्पनी के 1 लाख शेयर हैं और किसी निवेशक ने उस कम्पनी के 100 शेयर ले रखे हैं, तो वह निवेशक उस कम्पनी के 0.1% हिस्सेदारी का मालिक है।

शेयर मार्केट के भागीदार | Share Market Participants

निवेशक (Investor): ये व्यक्ति शेयर मार्केट में निवेश करते हैं। वे कंपनियों के शेयरों को खरीदकर उनके हिस्सेदार बनते हैं।

ट्रेडर (Trader): ट्रेडर शेयर मार्केट में शेयरों को Buy और Sell के लिए व्यापार करते हैं। वे शॉर्ट टर्म में लाभ कमाने का प्रयास करते हैं.

ब्रोकर (Broker): ब्रोकर व्यक्ति होते हैं जो निवेशकों को शेयरों की Buy और Sell के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं।

ऑनलाइन ब्रोकर (Online Broker): ये विशेष ब्रोकर होते हैं जो इंटरनेट के माध्यम से निवेशकों को शेयर मार्केट में सहायता प्रदान करते हैं।

ऑनलाइन डीमैट अकाउंट प्रोवाइडर (Online Demat Account Provider): डीमैट अकाउंट व्यक्तिगत शेयरों को डिजिटल रूप में संभालने के लिए आवश्यक होता है। ये अकाउंट प्रदान करने वाले व्यक्तियों को ऑनलाइन डीमैट अकाउंट प्रदान करते हैं।

DMAT अकाउंट क्या होता है ?

डीमैट अकाउंट क्या है? Dmat एक डिजिटल लॉकर है जो आपकी वित्तीय संपत्तियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहीत करता है। यह खाता आपको शेयर, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड, और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) जैसी वित्तीय उपकरणों को स्टोर करने और प्रबंधित करने की सुविधा देता है। डीमैट अकाउंट भौतिक शेयर प्रमाणपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रूप में परिवर्तित करके पारंपरिक पद्धति को प्रतिस्थापित करता है। इसके माध्यम से आप अपने निवेशों को सुरक्षित रूप से रख सकते हैं और व्यवसायिक लेन-देन की प्रक्रिया को सरल बना सकते हैं

यदि आप शेयर बाजार (एनएसई और बीएसई) या किसी अन्य सिक्योरिटीज में निवेश करना चाहते हैं, तो डीमैट अकाउंट अनिवार्य है। आपके द्वारा किए जाने वाले ट्रेड और लेन-देन के इलेक्ट्रॉनिक सेटेलमेंट के लिए डीमैट अकाउंट नंबर अनिवार्य है।

आप इंडिया के टॉप डीमेट अकाउंट प्रदानकर्ताओं में से किसी के साथ खोल सकते हैं, जैसे कि GROWW,ZERODHA

शेयर कैसे खरीदते और बेचते हैं? |How to buy and sell shares ?

शेयर बाजार में निवेश कैसे करें? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है और आपके लिए जानकारी होना चाहिए। शेयर खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को समझने के लिए निम्नलिखित कदमों का पालन करें:

डीमैट अकाउंट खोलें:

डीमैट अकाउंट एक डिजिटल लॉकर होता है जो आपकी वित्तीय संपत्तियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहीत करता है।

डीमैट अकाउंट के माध्यम से आप शेयर, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड, और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) जैसी वित्तीय उपकरणों को स्टोर कर सकते हैं।

डीमैट अकाउंट खोलने के लिए आप ट्रेडिंग और डीमेट खाता खोल सकते हैं। आप इंडिया के टॉप डीमेट अकाउंट प्रदानकर्ताओं में से किसी के साथ खोल सकते हैं, जैसे कि GROWW,ZERODHA

Groww App or Zerodha app के माध्यम से आप ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। यह ऐप्प मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों के लिए उपलब्ध है।

इसकी मदद से आप शेयरों की जानकारी, चार्ट, बिड-आस्क प्राइस, वॉल्यूम, और अन्य विवरण देख सकते हैं।

शेयर खरीदने के लिए आपके पास पर्याप्त धन होना चाहिए। आपके डीमेट अकाउंट में पैसे होने चाहिए जिससे आप शेयर्स खरीद सकें।

BULL और BEAR मार्केट क्या होता है ?

Bull and Bear Market

बुलिश और बेयरिश दोनों ही शेयर बाजार में देखा जाने वाला ट्रेंड है, और दोनों ट्रेंड में लोग पैसा बनाते हैं.

बुल मार्केट (Bull Market)

एक बुल मार्केट एक बाजार प्रवृत्ति है जो एक विस्तारित अवधि में स्टॉक की कीमतों में वृद्धि की विशेषता है.

इसके परिणामस्वरूप, एक सकारात्मक निवेशक भावना और अर्थव्यवस्था और भविष्य की संभावनाओं पर एक आशावादी दृष्टिकोण होता है.

बियर मार्केट (Bear Market)

एक बियर मार्केट एक विस्तारित अवधि में स्टॉक की कीमतों में गिरावट की विशेषता वाला बाजार रुझान है.

इसके परिणामस्वरूप, नकारात्मक निवेशक भावना और अर्थव्यवस्था और भविष्य की संभावनाओं पर निराशावादी दृष्टिकोण होता है.

शेयर मार्केट 4 विभिन्न प्रकार होते हैं | What are 4 types of Share Market

  • इक्विटि शेयर (Equity Share): यह शेयर कंपनी के मालिक को सबसे ज्यादा हकदार बनाता है और उसे कंपनी की लाभांश और नुकसान का हिस्सा बनाता है। इक्विटि शेयर के मूल्य मार्केट की प्रतियोगिता के आधार पर बदलता रहता है।
  • प्रेफरेंस शेयर (Preference Share): प्रेफरेंस शेयर होल्डर को निश्चित रिटर्न मिलता है, जो इक्विटि शेयर के होल्डर को नहीं मिलता है। यह शेयर वरीयता और अधिकारों की दृष्टि से इक्विटि शेयर से अलग होता है।
  • DVR शेयर (DVR Share): ये शेयर वोटिंग अधिकारों के साथ आते हैं, लेकिन उनमें एक विशेषता होती है – यह शेयर विशेष अधिकारों के साथ आते हैं, जैसे कि विशेष वोटिंग अधिकार या अधिकारिक वित्तीय जानकारी के लिए।
  • ओर्डिनरी इक्विटि शेयर (Ordinary Equity Share): यह शेयर कंपनी के सबसे सामान्य प्रकार के शेयरों में से एक हैं। इसका मूल्य मार्केट की प्रतियोगिता के आधार पर बदलता रहता है।

शेयर बाजार में ट्रेडिंग के पांच प्रमुख प्रकार होते हैं | What are 5 Types of Trading?

  • स्काल्पिंग ट्रेडिंग (Scalping Trading): इसमें व्यापारिक कारोबार को छोटे समय के लिए किया जाता है, जैसे कि कुछ मिनटों या घंटों के लिए।
  • इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading): इसमें व्यापारिक कारोबार को एक ही दिन में किया जाता है, जिसमें व्यापारी दिन के अंत में सभी स्टॉक्स को बेच देते हैं।
  • डिलीवरी ट्रेडिंग (Delivery Trading): इसमें व्यापारी निवेश को लंबे समय तक रखते हैं और समय के साथ ज्यादा मुनाफा कमाने का प्रयास करते हैं।
  • स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading): इसमें व्यापारी विशेष अवधि के दौरान स्टॉक्स को खरीदते और बेचते हैं, जैसे कि कुछ दिनों या हफ्तों के लिए।
  • मोमेंटम ट्रेडिंग (Momentum Trading): इसमें व्यापारी उन स्टॉक्स को खरीदते हैं जिनमें वृद्धि की अधिक संभावना होती है, और उन्हें जब उन्हें बेचने का समय आता है, तो उन्हें बेच देते हैं।

What is bond vs stock?

जब निवेश की बात आती है, तो बॉन्ड और स्टॉक को अक्सर एक साथ जोड़ दिया जाता है। लेकिन वे एक निवेशक के दृष्टिकोण से व्यवहार, रिटर्न और जोखिम के मामले में काफी अलग हैं।

स्टॉक (Stock) किसी विशेष कंपनी के शेयरों का एक समूह होता है। स्टॉक एक कंपनी में आंशिक स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब आप एक शेयर खरीदते हैं, तो आपके द्वारा खरीदे गए शेयरों की संख्या के आधार पर आपको कंपनी का कुछ हिस्सा मिल जाता है। कंपनी में आपका एक हिस्सा है, इसलिए आप कंपनी के मुनाफे में अपना हिस्सा पाने के हकदार हैं। लेकिन अगर कंपनी को घाटा होता है तो आपको भी घाटा उठाना पड़ता है।

बॉन्ड (Bonds) अचल-आय संपत्तियां हैं जिन्हें आपके और मेरे जैसे व्यक्तियों द्वारा निगमों, संगठनों और यहां तक कि राष्ट्रीय सरकार को दिए गए ऋण के रूप में माना जाता है। बॉन्ड्स को बेहतर ढंग से समझने के लिए, नीचे दी गई सूची को पढ़ें:

ब्याज भुगतान: बॉन्ड निश्चित अवधि के लिए निवेश पर एक निश्चित ब्याज दर प्राप्त होती है। बॉन्ड निवेश पर रिटर्न की गारंटी भी देते हैं।

मूलधन का पुनर्भुगतान: बॉन्ड के परिपक्व होने पर मूल राशि जिस पर ब्याज का भुगतान किया गया था, निवेशक को वापस कर दी जाएगी

Which trading is profitable?

व्यापार की लाभकारी तरीके निम्नलिखित हो सकते हैं:

शेयर बाज़ार (स्टॉक मार्केट): शेयर बाज़ार में निवेश करने से आपको लाभ हो सकता है, लेकिन यह जोखिमपूर्ण भी हो सकता है। यहां आपको शेयर्स खरीदने और बेचने की अनुमति होती है।

कमोडिटी बाज़ार: कमोडिटी बाज़ार में वस्त्र, खाद्य, धातु, तेल, गहने आदि की खरीददारी और बेचदारी की जा सकती है।

विदेशी मुद्रा बाज़ार (फॉरेक्स): विदेशी मुद्रा बाज़ार में विदेशी मुद्राओं की खरीददारी और बेचदारी की जा सकती है।

क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार: क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार में डिजिटल मुद्राओं की खरीददारी और बेचदारी की जा सकती है, जैसे कि बिटकॉइन, एथेरियम, डॉजकॉइन, आदि।

Which trading is low risk?

शेयर बाजार में कुछ ऐसे विकल्प हैं जो कम जोखिम वाले होते हैं। यहां कुछ ऐसे विकल्प हैं जो आपके निवेश को सुरक्षित बना सकते हैं:

शेयर बाजार में निवेश (Equity Investment): शेयर बाजार में निवेश करने से आपकी पूंजी की वृद्धि हो सकती है, लेकिन यह जोखिमपूर्ण भी हो सकता है। आपको अच्छे से रिसर्च करके उन शेयरों को चुनना चाहिए जिनमें आपको विश्वास हो।

म्यूचुअल फंड (Mutual Funds): म्यूचुअल फंड एक सुरक्षित निवेश विकल्प हो सकता है। यह निवेश करने के लिए विभिन्न शेयरों और बॉन्डों में निवेश करते हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits): बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने से आपकी पूंजी को सुरक्षित रखा जा सकता है।

सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds): ये भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं और सुरक्षित निवेश का एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम (Post Office Savings Schemes): भारतीय पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाए जाने वाले निवेश योजनाएं भी सुरक्षित हो सकती हैं।

कृपया ध्यान दें कि यह Blog सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से है और निवेश के लिए आपको अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना चाहिए।

Volatility क्या होता है ?

वोलैटिलिटी (Volatility) का मतलब हिंदी में अस्थिरता होता है। यह एक गुण है जो किसी दिए गए सेट के लिए सिक्योरिटीज की कीमत को बदलने की क्षमता को दर्शाता है। इसका मतलब है कि यदि किसी शेयर की कीमत में थोड़े समय के अंतराल में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है, तो उसे अत्यधिक अस्थिर यानि वोलेटाइल शेयर कहा जाता है। जबकि अगर किसी शेयर की कीमत में लंबे समय के अंतराल में धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव होता है, तो उसे कम वोलेटाइल शेयर कहा जाता है।

बाजार में लिक्विडिटी ( Liquidity)और वोलेटाइलिटी (Volatility)क्यों महत्वपूर्ण है?

लिक्विडिटी (Liquidity): शेयर मार्केट में लिक्विडिटी से पता चलता है कि किसी एसेट को कितनी जल्दी खरीदा और बेचा जा सकता है और उसे नकदी में बदला जा सकता है। अत्यधिक लिक्विड एसेट आसानी से खरीदी और बेची जा सकती है।

वोलेटाइलिटी (Volatitlity): वोलेटाइलिटी एक रेट है जिस पर किसी दिए गए सेट के लिए सिक्योरिटीज की कीमत बढ़ जाती है या घट जाती है। यदि किसी शेयर की कीमत में थोड़े समय के अंतराल में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है, तो उसे अत्यधिक अस्थिर यानि वोलेटाइल शेयर कहा जाता है। यदि किसी शेयर की कीमत में लंबे समय के अंतराल में धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव होता है, तो उसे कम वोलेटाइल शेयर कहा जाता है।

Stop Loss क्या होता है ?

Stop Loss वह मूल्य होती है जिस पर आप अपने शेयर बिना नुकसान के बेच देते हैं। यह ट्रेडर्स के जोखिम को कम कर उन्हें सही समय पर मार्केट से बाहर निकलने की अनुमति देता है। इसका मतलब है कि जब शेयर मार्केट में शेयर की करंट प्राइस गिरती है, तो शेयर एक सुरक्षित प्राइस पर अपने आप सेल हो जाते हैं और हम नुकसान से बच सकतें हैं|

 Limit Order क्या होता है ?

Limit Order एक सशर्त ऑर्डर है जो स्टॉकब्रोकर को एक विशिष्ट मूल्य पर सिक्योरिटीज खरीदने या बेचने का ऑर्डर देता है या ऑर्डर मूल्य से बेहतर कीमत देता है। एक बाय लिमिट ऑर्डर तब दिया जाता है जब शेयर ऑर्डर प्राइस या उस से कम कीमत पर हो, और सेल लिमिट ऑर्डर तभी प्लेस होता है जब शेयर ऑर्डर प्राइस या उसके मुकाबले अधिक हो।

इसका मुख्य लाभ यह है कि आप जिस पर अपनी पोजीशन खोलना या बंद करना चाहते हैं उस अधिकतम कीमत पर ऑर्डर दे सकते हैं। यदि स्टॉक मार्केट की कीमत आपके द्वारा निर्धारित मूल्य तक नहीं पहुंचती है, तो ऑर्डर कार्यान्वित नहीं किया जाएगा और आपके ट्रेडिंग खाते में धन रहेगा।

Trigger Price क्या होता है ?

ट्रिगर  मूल्य (Trigger Price) वह पॉइंट है जिस पर आपका खरीद या बेचने का ऑर्डर प्रोसेसिंग के लिए एक्सचेंज सर्वर के लिए उपलब्ध कराया जाता है। दूसरे शब्दों में, स्टॉक की कीमत आपके द्वारा चुनी गई ट्रिगर कीमत तक पहुंचते ही एक्सचेंज कंप्यूटर को ऑर्डर सबमिट कर दिया जाता है 12. यह एक आदेश के रूप में कार्य करता है जो बाजार मूल्य निर्दिष्ट स्तर तक पहुंचने पर स्टॉक खरीदने या बेचने जैसी कार्रवाई को ट्रिगर करता है।

ट्रिगर प्राइस का उपयोग करके आप स्टॉक को निम्नलिखित तरीकों से ट्रेड कर सकते हैं:

लिमिट ऑर्डर में ट्रिगर प्राइस: स्टॉक को कम कीमत पर खरीदने और अधिक कीमत पर बेचने के लिए ट्रिगर प्राइस का उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, आप किसी कंपनी के स्टॉक को खरीदना चाहते हैं और उस स्टॉक का मार्केट प्राइस 50 रुपये है, लेकिन आप ट्रिगर प्राइस का उपयोग करके उस स्टॉक की कीमत को 40 रुपये पर सेट कर देते हैं। तो जब उस स्टॉक की कीमत 40 रुपये तक पहुँच जाती है, तो ‘ट्रिगर प्राइस आर्डर’ के तहत आपका ऑर्डर अपने आप ही लागू हो जाएगा।

SL Trigger Price (स्टॉप लॉस ट्रिगर प्राइस): इंट्राडे ट्रेडिंग में स्टॉप लॉस का इस्तेमाल ट्रेडर्स को नुक्सान से बचाता है। यह एक आदेश के रूप में कार्य करता है जो बाजार मूल्य निर्दिष्ट स्तर तक पहुंचने पर स्टॉक खरीदने या बेचने जैसी कार्रवाई को ट्रिगर करता है।

ट्रिगर प्राइस का उपयोग करके आप स्टॉक को निम्नलिखित तरीकों से ट्रेड कर सकते हैं:

लिमिट ऑर्डर में ट्रिगर प्राइस: स्टॉक को कम कीमत पर खरीदने और अधिक कीमत पर बेचने के लिए ट्रिगर प्राइस का उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, आप किसी कंपनी के स्टॉक को खरीदना चाहते हैं और उस स्टॉक का मार्केट प्राइस 50 रुपये है, लेकिन आप ट्रिगर प्राइस का उपयोग करके उस स्टॉक की कीमत को 40 रुपये पर सेट कर देते हैं। तो जब उस स्टॉक की कीमत 40 रुपये तक पहुँच जाती है, तो ‘ट्रिगर प्राइस आर्डर’ के तहत आपका ऑर्डर अपने आप ही लागू हो जाएगा।

Portfolio क्या है ? – What is portfolio?

यदि आपके पास कोई वित्तीय संपत्ति है, तो आपके पास एक Portfolio है, चाहे आप इसे महसूस करें या नहीं। पोर्टफोलियो से क्या तात्पर्य है? यह एक ऐसा शब्द है जिसके संदर्भ के आधार पर विभिन्न अर्थ हो सकते हैं। एक पोर्टफोलियो की सबसे सरल परिभाषा संपत्ति का एक संग्रह है – स्टॉक और बॉन्ड, रियल एस्टेट या यहां तक ​​कि क्रिप्टोक्यूरेंसी |

ब्लू चिप Stock क्या है? What is blue chip stocks?

ब्लू चिप स्टॉक्स एक ऐसी कम्पनी के द्वारा जारी किए गए शेयर्स होते हैं जो आर्थिक रूप से स्वस्थ हैं, स्थिरता रखते हैं, और बाजार में एक ठोस प्रतिष्ठा रखते हैं। इनका Market Capitalization भी काफी बड़ा होता है और सामान्यतौर पर यह कम्पनी अपने सेक्टर की मुख्य लीडर होती है। उदाहरण के लिए – Reliance Industries Limited, HDFC Bank, Asian Paints, और Tata Steel.

ब्लू चिप स्टॉक्स में निवेश करने से आपको एक स्थिर रिटर्न मिलता है, क्योंकि कम्पनी की मार्केट कैप हाई होने की वजह से उनके शेयर की वोलेटिलिटी कम होती है। इनके शेयर में अधिक लिक्विडिटी होती है, जिससे आसानी से खरीददार और बेचदार मिल जाते हैं। इसके साथ ही, ये कंपनियाँ अपने सेक्टर में ज्यादा ग्रोथ दिखाती हैं।

ब्लू चिप स्टॉक्स में निवेश करने से भी नुकसान हो सकता है , क्योंकि कोई भी स्टॉक निरंतर रूप से ब्लू चिप नहीं होता है। इसलिए निवेश करने से पहले ध्यानपूर्वक अनुसंधान करें।

Ask price क्या होता है ?

आस्क प्राइस का मतलब है कि वह कीमत जिसमें कोई व्यक्ति या व्यापारी एक सुरक्षा (शेयर या अन्य सुरक्षा) को खरीदने के लिए तैयार है। यह उसकी मांगी कीमत होती है।

आस्क प्राइस विक्रेता द्वारा उसी सुरक्षा को लेने के लिए स्वीकार करने के लिए तैयार की गई कीमत को दर्शाता है।

Bid price क्या होता है ?

बिड प्राइस का मतलब है “नीलामी राशि” या “बोली मूल्य”। यह वह कीमत होती है जिस पर आप एक सुरक्षा खरीदने के लिए तैयार होते हैं। अन्य शब्दों में, यह वह कीमत है जो आप एक खरीदार के रूप में भुगतान करने के लिए तैयार होते हैं।

NFO क्या होता है ?

NFO (न्यू फंड ऑफर) एक ऐसी पेशकश है जो एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा उनके नए लॉन्च किए गए फंड के लिए पहली सब्सक्रिप्शन के रूप में प्रस्तुत की जाती है। NFO की अवधि तब शुरू होती है जब एक फंड बाजार में पेश किया जाता है और लॉन्च किया जाता है, जिससे फर्म को प्रतिभूतियों की खरीद के लिए NFO अवधि के दौरान पूंजी जुटाने की अनुमति मिलती है

स्क प्राइस के बीच के अंतर को स्प्रेड कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि सुरक्षा पर बिड प्राइस Rs 100 है और मांग मूल्य Rs 101 है, तो स्प्रेड Rs 1 होगा|

What is SIP in Share market?

SIP (Systematic Investment Plan) शेयर बाजार में एक रणनीतिक और अनुशासित निवेश दृष्टिकोण है, जो व्यक्तियों को व्यवस्थित और नियमित तरीके से म्यूचुअल फंड में निवेश करने की अनुमति देता है। इसमें पूर्व निर्धारित अंतराल पर, आमतौर पर मासिक रूप से एक निश्चित राशि शामिल होती है। SIP का प्राथमिक उद्देश्य वित्तीय अनुशासन और निवेश में स्थिरता को बढ़ावा देना है, जिससे व्यक्तियों को शेयर बाजार में भाग लेने का एक व्यवस्थित तरीका प्रदान किया जा सके। यह निवेश रणनीति समय के साथ नियमितता पर जोर देती है, जिससे निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है|

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ? What is intraday Trading?

इंट्राडे ट्रेडिंग वह प्रक्रिया है जिसमें एक ही दिन में एक स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदी और बेची जाती है। इस तरीके से लेन-देन करने का प्रमुख उद्देश्य खरीदे गए सुरक्षितियों पर पूंजी लाभ प्राप्त करना है और धन एक विस्तृत अवधि के लिए निवेश करके जोखिम को कम करना है।

इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें

उच्च लिक्विड स्टॉक्स का चयन करें: इंट्राडे स्टॉक्स की लिक्विडिटी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिना इस विशेषता के ऐसा व्यापार संभव नहीं होगा। छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के इक्विटी शेयर आसानी से खरीदे और बेचे जा सकते हैं, और बाजार की फ्लक्चुएशन के कारण उनमें अत्यधिक अस्थिरता होती है।

मध्यम से उच्च मूल्य विफलता: अच्छे इंट्राडे स्टॉक्स की मूल्य फ्लक्चुएशन मध्यम से उच्च होती है। आमतौर पर, 3% से अधिक मार्केट मूल्य की फ्लक्चुएशन को इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय बचाना चाहिए, क्योंकि अर्थशास्त्री बाजार में अवसादी दिशा में उलझने के मामले में बड़े नुकसान का संभावना होता है।

मजबूत संबंध: एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज के बेंचमार्क सूची के साथ उच्च संबंध वाले इंट्राडे शेयर को खरीदना आदर्श है।

Dividend क्या होता है ?

Divident एक फाइनेंसियल टर्म है जिसे हिंदी में लाभांश बोलते हैं। कंपनी अपने प्रॉफिट का कुछ हिस्सा अपने शेयरहोल्डर के साथ शेयर करती है, उसे ही डिविडेंड कहते हैं। फिलहाल, 10 लाख रुपए तक के डिविडेंड पर शेयरहोल्डर को कोई भी टैक्स नहीं लगता है। इसका मतलब आप यह कह सकते हैं कि शेयर होल्डर के लिए डिविडेंड एक टैक्स-फ्री इनकम है और शेयर होल्डर्स को डिविडेंड देना कंपनी के लिए कंपलसरी नहीं होता। मान लीजिए लगातार कोई कंपनी डिविडेंड दे रही है तो इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी आगे भी डिविडेंड देती ही रहेगी|

Scalping क्या होता है ?

स्केल्पिंग (Scalping) का मतलब हिंदी में, यह नियमों के साथ होल्ड के ट्रेडिंग करने को स्केल्पिंग ट्रेडिंग कहा जाता है| इस तकनीक में व्यापारी छोटे समय में प्राइस के घटने या बढ़ने से प्रॉफिट कमाते हैं। स्कैल्पिंग ट्रेडिंग में आप शेयर को होल्ड नहीं करते, बल्कि उसे बहुत छोटे टाइम फ्रेम जैसे 1 या 2 मिनट में खरीदकर और बेचकर मुनाफा निकालकर ट्रेड से एग्जिट हो जाते हैं|

Candlestick Pattern क्या होता है ?

Candlestick pattern in Hindi

कैंडलस्टिक पैटर्न व्यापारियों के लिए मूल्य कार्रवाई को बेहतर ढंग से समझने और व्यापारिक अवसरों की पहचान करने में मदद करता है। यह एक ग्राफिक प्रतिनिधित्व है जो विभिन्न दृश्य संकेत प्रदान करता है, जो व्यापारियों के मूल्य कार्रवाई को अधिक स्पष्ट रूप से समझने की अनुमति देता है। इसका उपयोग व्यापारियों द्वारा व्यापारिक अवसरों की पहचान करने और कीमत किस दिशा में आगे बढ़ेगी इसकी भविष्यवाणी करने के लिए किया जाता है।

यहां कुछ महत्वपूर्ण कैंडलस्टिक पैटर्न हैं|

  • हैमर कैंडल (HAMMER CANDLE): यह एक बुलिश पैटर्न है जो नीचे दिखाए गए तस्वीर में दिखाया गया है।
  • बुलिश इंगुलफिंग पैटर्न (BULLISH ENGULFING): यह भी एक बुलिश पैटर्न है जो नीचे दिखाए गए तस्वीर में दिखाया गया है।
  • पिएर्सिंग पैटर्न (PIERCING PATTERN): यह भी एक बुलिश पैटर्न है जो नीचे दिखाए गए तस्वीर में दिखाया गया है।
  • मॉर्निंग स्टार (THE MORNING STAR): यह एक बुलिश पैटर्न है जो नीचे दिखाए गए तस्वीर में दिखाया गया है।
  • थ्री वाइट सोल्जर (THREE WHITE SOLDIERS): यह भी एक बुलिश पैटर्न है जो नीचे दिखाए गए तस्वीर में दिखाया गया है।
  • इन्वर्टर हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न (INVERTED HAMMER): यह एक बुलिश पैटर्न

ऑनलाइन ट्रेडिंग कैसे करें ? How do I start trading?

ऑनलाइन ट्रेडिंग कैसे करें? यदि आप नए हैं और स्टॉक बाजार में ट्रेडिंग शुरू करना चाहते हैं, तो यहां कुछ महत्वपूर्ण कदम हैं:

स्टॉक ब्रोकर की पूरी पृष्ठभूमि की जांच करें।

ऑनलाइन संदर्भों की जांच करके एक अच्छी प्रतिष्ठा वाले ब्रोकर का चयन करें।

मोबाइल और डेस्कटॉप पर सरल, तेज़ और सुरक्षित स्टॉक कारोबार अनुभव की जांच करें।

कठिनाइयों के मामले में एक ब्रोकर से संपर्क करने में आसानी की जाँच करें।

ट्रेडिंग खाता कैसे खोले :

ट्रेडिंग खाता खोलने के लिए, GROWW या तो  ZERODHA ब्रोकिंग वेबसाइट पर जाएं और अपना ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म चुनें।

खाता खोलने के लिए।

पंजीकरण फॉर्म भरने के बाद, बिक्री टीम का एक व्यक्ति आपको पूरी प्रक्रिया को समझाने के लिए संपर्क में आ जाएगा।

आपको ग्राहक को जाने (केवाईसी) दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी जिसमें पता और पहचान के प्रमाण के साथ सदस्य-ग्राहक अनुबंध शामिल होता है जो ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के लिए विभिन्न नियमों और शर्तों को रेखांकित करता है।

विवरण और अंतिम कागजी कार्रवाई के सत्यापन के बाद, आपको ट्रेडिंग किट प्राप्त होगी।

Share Market Holiday 2024

SR NO HOLIDAY DATE DAY
1 Republic Day 26 January 2024 Friday
2 Mahashivratri 8 March 2024 Friday
3 Holi 25 March 2024 Monday
4 Good Friday 29 March 2024 Friday
5 Ramzan Id (Id-Ul-Fitar) 11 April 2024 Thursday
6 Ram Navami 17 April 2024 Wednesday
7 Maharashtra Day 1 May 2024 Wednesday
8 Bakri Id 17 June 2024 Monday
9 Muharram 17 July 2024 Wednesday
10 Independence Day 15 August 2024 Thursday
11 Mahatma Gandhi Jayanti 2 October 2024 Wednesday
12 Diwali 1 November 2024 Friday
13 Guru Nanak Jayanti 15 November 2024 Friday
14 Christmas Day 25 December 2024 Wednesday

What is S&P?

S&P (Standard & Poor’s) एक विश्वभर में प्रसिद्ध कंपनी है जो वित्तीय बाजार सूचियों के निर्माता के रूप में जानी जाती है—जो निवेश बेंचमार्क के रूप में व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं—डेटा स्रोत, और कंपनियों और कर्ज के लिए क्रेडिट रेटिंग के जारीकर्ता के रूप में। यह शायद सबसे अधिक प्रसिद्ध और अक्सर उद्धृत S&P 500 इंडेक्स के लिए है। इसकी जड़ें 1860 के दशक में तक जाती हैं। 2016 से, इसका आधिकारिक कॉर्पोरेट नाम S&P Global है।

S&P एक महत्वपूर्ण क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है, जो कंपनियों और देशों को और उनके जारी करने वाले कर्ज को AAA से D के स्केल पर निवेश जोखिम की डिग्री के रूप में बताती है। यह उनके डेटा और वित्तीय बाजार सूचियों के निर्माता के रूप में भी प्रसिद्ध है।

फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है? What is forex trading?

What Is Forex Trading

फॉरेक्स ट्रेडिंग(Forex Trading) एक गतिविधि है, जिसमें मुद्राओं का आदान-प्रदान होता है। यह एक वैश्विक और विकेंद्रीकृत बाजार है, जहां मुद्राओं का कारोबार होता है। इसमें प्रत्येक मुद्रा में रूपांतरण दर होती है, जिसे विनिमय दर कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि EUR/USD ,XAU/USD की विनिमय दर 1.10 है, तो इसका मतलब है कि 1 यूरो 1.10 अमेरिकी डॉलर के बराबर है।

विदेशी मुद्रा बाजार सप्ताहांत के अलावा 24 घंटे खुला रहता है, सोमवार सुबह सिडनी में खुलता है और शुक्रवार रात न्यूयॉर्क में बंद होता है। यह बाजार विदेशी मुद्रा को खरीदने और बेचने के लिए उपयोग किया जाता है और यह वित्तीय निवेश के लिए एक उपयुक्त विकल्प हो सकता है।

EXNESS एक ऐसा फोरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफार्म है जहां आप अपना ट्रेडिंग अकाउंट खोल सकते है|

विश्व के प्रमुख शेयर बाज़ार कौन-कौन से हैं?

USA SHARE MARKET

  • Newyork Stock Exchange(NYSE)
  • NASDAQ
  • Tmx Group
  • Cboe Global Market
  • Investor Exchange (IEX)
  • Long Term Stock Exchange( LTSE)

EUROPE SHARE MARKET

  • Londan stock Exchange Group
  • Euronext
  • Deutsche Borse
  • Six Swiss Exchange
  • Nasdaq Nordic

ASIAN SHARE MARKET

  • Bombay Stock Exchange, (India)
  • National Stock Exchange, (India)
  • Singapore Exchange, (Singapore)
  • Shanghai Stock Exchange, (China)
  • Shenzhen Stock Exchange, (China)
  • Tokyo Stock Exchange, (Japan)
  • Hong Kong Stock Exchange, (Hong Kong)
  • Korea Exchange, South, (Korea)
  • Taiwan Stock Exchange, (Taiwan)
  • Tehran Stock Exchange, (Iran)

शेयर बाजार के नियम

इन नियमो का पालन करके निवेशक शेयर मार्केट में सफलता प्राप्त कर सकते है|

  1. डीमैट अकाउंट खोलें: शेयर खरीदने और बेचने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए। डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की वजह से हम शेयर को खरीद सकते हैं, जमा कर सकते हैं और ट्रान्सफर कर सकते हैं। डीमैट अकाउंट खोलने के लिए आपके पास PAN कार्ड, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट और दूसरी आवश्यक दस्तावेज़ होने चाहिए।
  2. सही DP/ब्रोकर चुनें: आपको अपने लिए सहीं ब्रोकर चुनना होगा। ब्रोकर की सेवाएं, चार्जेज, फीचर्स, और प्लेटफ़ॉर्म को तुलना करें और उनके साथ अपना खाता खोलें।
  3. धनराशि की योजना बनाएं: निवेश करने से पहले अपने पास कितनी धनराशि है और कितनी धनराशि को निवेश करने के लिए उपलब्ध कराना चाहिए, इसका एक योजना बनाएं।
  4. बाजार की समीक्षा करें: निवेश से पहले बाजार की समीक्षा करें और बाजार की ट्रेंड को समझें।
  5. विविधता में निवेश करें: निवेश में विविधता बनाए रखें, अलग-अलग कंपनियों में निवेश करें।
  6. समय का महत्व: निवेश को लेकर समय की महत्वपूर्णता है, अपने निवेश को लंबे समय तक देखें।
  7. रिस्क का प्रबंधन: निवेश करते समय रिस्क का प्रबंधन करें, ज्यादा रिस्की निवेश से बचें।
  8. तकनीकी ज्ञान: शेयर बाजार के नियमों और तकनीकी ज्ञान का ध्यान रखें, बाजार की गतिविधियों को समझें।
  9. धैर्य रखें: निवेश करते समय धैर्य रखें, अधिक निवेश न करें।
  10. निवेश की स्थिति निगरानी: अपने निवेश की स्थिति को निगरानी में रखें, निवेश के परिणामों को नियंत्रित करें।
  11. शेयर मार्केट की जानकारी होनी चाहिए: शेयर मार्केट की जानकारी नहीं होने पर निवेश करने से आपका नुकसान हो सकता है। शेयर मार्केट कैसे काम करता है, डीमैट अकाउंट कैसे बनाना चाहिए, ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म, रिसर्च, टेक्निकल एनालिसिस, आदि के बारे में जानकारी होना जरुरी है |

शेयर मार्केट के बेसिक टर्म्स

शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण  बेसिक टर्म्स होते हैं, जिन्हें आपको जानना चाहिए

Sensex Bank Nifty Nifty Bull Market
IPO Broker Intraday Stock
Annual Report Dividend ETF Volatility
Balance Fund Bid Limit Order Average
Blue Chip Market Order Candle Buy
Index Bond Beta Stop Loss
Bear Market Equity Trade Sell

शेयर मार्केट कोर्स | Top Share Market Course in Hindi

शेयर मार्केट में प्रो बनने के लिए हिंदी में कुछ बेहतरीन कोर्स हैं। यहां कुछ ऑनलाइन कोर्स की सूची है जो आपके लिए उपयुक्त हो सकते हैं|

BSE Institute India

  •  Certificate Program on Stock Market
  • Certificate Program on Technical Analysis
  • Certificate Program on Financial Risk Management
  • Certificate Program on Equity Research
  • Certificate Program on Stock broking

NSE India Certification Program

  • Concepts of Trading Strategies in Capital Market
  • Intraday Trading Program
  • Advanced Technical Analysis Course
  • Future and Options Trading Strategies
  • Program in Wealth Management

NIFM INSTITUTE

  • NIFM Certified Smart Investor Course
  • NCFM Financial Market Certification Course
  • NIFM Advanced Technical Analysis Course
  • NIFM Profit Making Secret Trading Strategies Course

Job Oriented Diploma and Certification Course

  • Advance Diploma in Financial Market Management (ADFMM)
  • Diploma in Research Analyst
  • Fellow Programme in Management (FPM)
  • PG Diploma in Research Analyst
  • NIFM Certification Preparation Module
  • NIFM Certified Smart Investor

नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ सेक्योरिटीज़ मार्केट (NISM) सर्टिफिकेशन

  • Currency Derivatives Certification Examination
  • Registrars and Transfer Agents (Mutual Fund) Certification Examination
  • Securities Intermediaries Compliance (Non-Fund) Certification Examination
  • Issuers Compliance Certification Examination
  • Interest Rates Derivatives Certification Examination
  • Registrars and Transfer Agents (Corporate) Certification Examination

Udemy Practical Share Market Online training

यहां आपको Practical Share Market training के लिए एक ऑनलाइन कोर्स मिल सकता है। इसमें Sensex, Nifty, SEBI, BSE, NSE के बारे में जानकारी दी जाती है।

शेयर मार्केट को समझने के लिए सबसे अच्छी किताबे

शेयर मार्केट में निवेश के लिए कुछ बेहतरीन पुस्तकें हैं, जो आपको निवेश की तरीकों, वित्तीय विश्लेषण, और शेयर बाजार के बारे में ज्ञान प्रदान कर सकती हैं। यहां कुछ प्रमुख पुस्तकों की सूची है|

किताब के नाम खरीदने के लिए
द इंटेलिजेंस इन्वेस्टर यहाँ से खरीद सकते है
सोचो और अमीर बनो यहाँ से खरीद सकते है
ट्रेडिंग चार्ट पॅटर्न यहाँ से खरीद सकते है
टेक्निकल एनालिसिस और कैंडलस्टिक की पहचान यहाँ से खरीद सकते है
स्टॉक मार्केट में सफल होने के 41 टिप्स यहाँ से खरीद सकते है

FAQ

शेयर मार्केट क्या है और कैसे चलता है ?

शेयर मार्केट एक ऐसा बाजार है जहां कंपनियों के शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं। यह बाजार विभिन्न प्रतिभागी ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए निर्धारित नियमों के तहत चलता है।

शेयर मार्केट क्यों महत्वपूर्ण है?

इसमें निवेशकों को निवेश करने के लिए विभिन्न विकल्प मिलते हैं और वहाँ से उन्हें निवेश के माध्यम से आय और रिटर्न की संभावना होती है।

शेयर मार्केट में निवेश कैसे करें?

शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आपको एक ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होगा और फिर विभिन्न कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं।

शेयर मार्केट में निवेश करने के लाभ क्या हैं?

इससे निवेशकों को अच्छे रिटर्न की संभावना होती है और वहाँ से उन्हें वित्तीय स्थिरता और विकास का लाभ होता है।

शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स कौन-कौन से हैं?

शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता आदि की डॉक्यूमेंट्स की आवश्यकता होती है।

दुनिया का सबसे महंगा स्टॉक कौनसा है?

दुनिया में सबसे महंगा स्टॉक है बर्कशायर हैथवे इंक (Berkshire Hathaway Inc.) इस कंपनी के एक शेयर की कीमत फिलहाल 5,43,750 डॉलर (USD) है, जो भारतीय करेंसी में (4.52 करोड़ रुपये) बैठती है। इस एक शेयर से आप आलीशान घर, गाड़ी, नौकर-चाकर, बैंक बैलेंस और ऐशो आराम की सभी चीजें जुटा सकते हैं।

Conclusion

इस ब्लॉग के माध्यम से हम कह सकते हैं कि शेयर बाजार यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय संस्था है जो निवेशकों को विभिन्न निवेश विकल्पों की सुविधा प्रदान करता है। इसमें निवेश करने के द्वारा व्यक्ति अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बना सकता है और विकसित होने का साधन कर सकता है। शेयर मार्केट निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है जिसके माध्यम से वे अच्छे रिटर्न्स का लाभ उठा सकते हैं और आगे की वित्तीय योजनाओं को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

Credit- जोश Talks

Moneypetty.com पर आपका आभार! यदि आपको ब्लॉग पढ़ने में आनंद आया और आपको उससे कुछ नया सीखने को मिला, तो यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात होगी। अगर आपके पास कोई और प्रश्न या सुझाव हैं, तो कृपया हमें बताएं। धन्यवाद ! 😊

 

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